Delhi Toxic Air: राजधानी दिल्ली जहरीली हवा की गिरफ्त में है। यहां सांस लेना मुश्किल हो गया है। लोगों के स्वास्थ्य पर ये संकट साल दर साल गंभीर होता जा रहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहें हैं। इसी बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है।
भारत को मिला चीन का साथ
पड़ोसी देश चीन ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, चीन भी कभी गंभीर स्मॉग से जूझता था। अब हमारे आसमान नीले हैं। हम भारत के साथ अपना अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं, और हमें भरोसा है कि भारत भी जल्द वहां पहुंचेगा।
दुनिया के लिए प्रेरणा
ऐसे में कहा जा सकता है कि चीन ने यह दिखा दिया कि अगर सरकार की नीतियां स्पष्ट हों, जनता सहयोग करे और तकनीक का सही उपयोग हो तो वायु प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। चीनी मॉडल आज भारत सहित कई विकासशील देशों के लिए प्रेरणा बन चुका है। चीन का यह स्वच्छ हवा मॉडल बताता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं बस नीति, विज्ञान और जनभागीदारी का संतुलन जरूरी है।
China once struggled with severe smog, too.
— Yu Jing (@ChinaSpox_India) November 4, 2025
We stand ready to share our journey toward blue ones—and believe India will get there soon. ☀???? #CleanAir #TogetherForEarth pic.twitter.com/VJQoa6ap1V
चीन में उठाए गए कड़े कदम
चीन ने प्रदूषित शहरों से लाखों पुराने वाहनों को सड़क से हटाया। इलेक्ट्रिक बसें और टैक्सियां बड़ी संख्या में चलाई गईं। साइकिल लेन और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया गया ताकि लोग निजी गाड़ियां कम चलाएं। चीन ने हजारों फैक्ट्रियों को आधुनिक तकनीक अपनाने पर मजबूर किया। इस्पात, सीमेंट, और कोयला आधारित उद्योगों को उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण लगाने पड़े। जो उद्योग नियमों का पालन नहीं करते थे, उन्हें भारी जुर्माना या बंदी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली के इलाकों की हवा का हाल
चीन को अपने शहरों में फैले वायु प्रदूषण से कैसे मुक्ति मिली। चीन ने किस मॉडल पर काम किया है ये हम आपको खबर में आगे बताएंगे लेकिन उसे पहले दिल्ली और आसपास के इलाकों की हवा पर एक नजर डाल लेते हैं। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 400 के पार पहुंच चुका है, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
दिल्ली के अलीपुर में AQI 420, आनंद विहार 403 और बवाना 390 के आसपास दर्ज हुआ है। नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भी हवा की हालत बेहद खराब रही। गाजियाबाद के लोनी में 420 का स्तर पार हो गया है, यानी सांस लेना भी खतरा है।
चीन ने क्या किया
2013 में चीन ने “Air Pollution Prevention and Control Action Plan” लागू किया। यह देश का पहला व्यापक वायु स्वच्छता अभियान था। इस योजना तहत लक्ष्य निर्धारित किए गए। कोयले पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य तय हुआ। औद्योगिक उत्सर्जन पर कड़े मानक बनाए गए साथ ही बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की निगरानी शुरू की गई। इसके साथ ही प्रदूषक उद्योगों को शहरों से बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। इस राष्ट्रीय नीति के कारण चीन की हवा बदल गई।