Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में सरकारी खरीद को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) और राज्य सरकार ने मिलकर काम करने का फैसला किया है।
भोपाल में हुई बैठक में जीईएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार और राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच राज्य में जीईएम प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
छोटे उद्योगों को देना समान अवसर
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, बैठक का उद्देश्य राज्य की सभी सरकारी एजेंसियों को जीईएम प्लेटफॉर्म से जोड़ना, खरीद प्रक्रिया को सरल बनाना और छोटे उद्योगों को समान अवसर देना है। मंत्रालय ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के विभाग, सार्वजनिक उपक्रम, स्थानीय निकाय और पंचायतें अब एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से खरीद करेंगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्य की खरीद नीतियों को सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) और जीईएम की शर्तों (जीईएम–जीटीसी) के अनुरूप बनाने की अपील की है।
86 हजार से ज्यादा विक्रेता जीईएम प्लेटफॉर्म से जुड़े
साथ ही केंद्रशासित प्रदेशों में भी सभी खरीद जीईएम प्लेटफॉर्म से करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में फिलहाल 86 हजार से ज्यादा विक्रेता जीईएम प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश की सूक्ष्म और लघु इकाइयों (एमएसई) को अब तक 5,523 करोड़ के ऑर्डर राज्य के खरीदारों से, 2,030 करोड़ अन्य राज्यों से और 20,298 करोड़ केंद्रीय खरीदारों से मिले हैं।